P L PRAJAPATI
सेवा समर्पण और राष्ट्र के प्रति सम्मान की भावना ही व्यक्ति निर्माण का आधार बनती है । वंदे मातरम्
सेवा समर्पण और राष्ट्र के प्रति सम्मान की भावना ही व्यक्ति निर्माण का आधार बनती है । वंदे मातरम्
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अनेक युवा 10 सितंबर 1947 के लीगियों के 'विप्लव'के आयोजन के बारे मे ठीक समय पर सरदार पटेल और नेहरु जी को सुचित कर…
Read next »एक सुफी संत मलिक मोहम्मद जायसी से संवत् 1540 में पद्मावत नाम से महाकाव्य लिखा । जा़यसी कभी चित्तोड नही गये । यह महाकाव्य अवधी भाषा में लिखा गया है …
Read next »प्राचीनकाल से हमारी सभ्यता और संस्कृति का अपना एक अलग ही उदाहरण प्रस्तुत है । महान ऋषियों और मुनियों की इस धरती की गौरव पताका पुरे विश्व में समय स…
Read next »क्या (खाप ) पंचायत अब गुजरे जमाने की बात हो जाएगी ? खाप पंचायतें दरअसल प्राचीन समाज का वह रूढिवादी हिस्सा है, जो आधुनिक समाज और बदलती हुई वि…
Read next »डुंगरसिंह भाटी एक वीर योद्धा राजस्थान की धरा पर जन्मे जिन्हे पाकिस्तान में भी पुजा जाता है । ऐसे वीरो कि धरती को बारम्बार नमन । एक दोहा है - "…
Read next »भारतवर्ष में वीरो के साथ ऐसी कई वीरांगनाएँ हुई है जिन्होने अपना सर्वस्व न्योछावर करके अपने क्षत्राणी होने का धर्म निभाते हुए देश की रक्षा करने में अ…
Read next »राजस्थान में अनेक वीरों ने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना बलिदान दिया, जिससे उनकी छवि लोकदेवता जैसी बन गयी। कल्ला जी राठौड़ ऐसे ही एक महामानव थे। उन…
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